रज़ा फ़ाउण्डेशन की वेबसाइट पर आपका स्वागत हैं।

संस्मरण Next
हमारी कथा विजया राय बांग्ला से अनुवाद - रामशंकर द्विवेदी
नीचे प्रकाशित कुछ अंश सत्यजीत राय की पत्नी विजया राय की लिखी आत्मकथा से लिये गये हैं। यह किताब कुछ ही समय पहले अँग्रेज़ी अनुवाद में भी प्रकाशित हो चुकी है। संपा. 1‘पथेर पांचाली’ की शूटिंग मैं बहुत कम देख पायी। इन्हीं दिनों...
मनुष्य का सांस्कृतिक मन नष्ट हो गया है-ऋत्विक घटक
बांग्ला से अनुवाद : रामशंकर द्विवेदी ऋत्विक घटक का जन्म 4 नवम्बर, 1925 को पूर्वी बंगाल के पावना जिले के नये भारंगा में हुआ था। पिता सुरेशचन्द्र की ख्याति विशिष्ट चल-चित्रकार के रूप में थी। राजशाही कॉलेज से अँग्रेज़ी ऑनर्स के साथ बी.ए. किया।...
कमलेश जी की अनुपस्थिति वागीश शुक्ल
1कमलेश जी से मेरी पहली भेंट मेरी पहल पर हुई थी। मैं जुलाई 1970 में दिल्ली पहुँचकर भारतीय तकनीक संस्थान, दिल्ली में नौकरी कर रहा था। इसके कुछ समय बाद ही ‘दिनमान’ पत्रिका में एक बड़ा-सा आलेख छपा जिसमें विविध राजनीतिक दलों के प्रवक्त...
जंगली सपने की अन्धी यात्रा नीलिम कुमार
असमिया से अनुवाद : किशोर कुमार जैन 1ऐसा लगता था मानो राहुल अपने जीवन में था ही नहीं। गजेन्द्रनाथ, अमृतप्रभा, माँ शशि, तरुणी बुआ, नौकर नाम तजो, भानु चाची और मालिनी, आइमणी, चित्रकला का मास्टर, चन्दना, सनातनों की तरह के सहस्र ग्रह-नक्षत...
मलयज के पत्र प्रेमलता वर्मा
मलयज के पाठकों और लेखक मित्रों के लिए इन पत्रों में काफ़ी कुछ जखीरा प्रस्तुत है। आलोचना और विश्लेषण भी है परिस्थितियों और व्यक्तियों का, मनोवैज्ञानिक धरातल पर मानवीय सहानुभूति और विवेक के साथ। मलयज बेहद संवेदनशील रहे और बेहद अकेले अपनी पीड़ा झेलते र...
स्वामीनाथन प्रयाग शुक्ल
स्वामी!मित्र, प्रियजन, परिजन सब उन्हें प्रायः इसी संक्षिप्त नाम से बुलाते थे।हाँ, ‘स्वामी’ सम्बोधन ही तो चित्रकार, कला-चिन्तक, कवि जगदीश स्वामीनाथन के लिए बहुतों का अत्यन्त प्रिय सम्बोधन था। जिन्होंने चित्रकार अम्बादास को &...
मरीना त्स्वेतायेवा (8 अक्तूबर 1892- 31 अगस्त 1941) प्रतिभा कटियार
मरीना मेरा पहला प्यार मरीना त्स्वेतायेवा रूस की एक महान कवयित्री हैं। ‘थीं’ शब्द का इस्तेमाल मैं जानबूझकर नहीं कर रही हूँ कि मैंने जिस मरीना को जाना है वो अपने समय और काल को पार करके मुझसे मिली थी। पहली ही मुलाकात में उससे हुई दो...
आत्मकथा (कुछ अध्याय) हबीब तनवीर
लिप्यान्तर उबैदुल्ला मुबारकअम्मा और मेरी बहनेंखानदान हमारा बड़ा था। हमलोग कोई ग्यारह भाई-बहन होते लेकिन सात बच रहे थे। चार बहनें, तीन भाई। चार बच्चे या पैदा होते ही या बहुत कम उम्र में खत्म हो गये। सबसे बड़ी बहन क़दीरून्निसा को मैं अम्मीज...
विस्मृत बंगाली दार्शनिक की स्मृतियाँ अशोक देब चौधुरी
बांग्ला से रूपान्तर : रामशंकर द्विवेदी केम्ब्रिज और आक्सफ़ोर्ड में भारतीय गणितज्ञ और अर्थनीति विशेषज्ञों का विशेष सम्मान होता है। रामानुजन से लेकर आज के अमर्त्य सेन तक यह परम्परा अक्षुण्ण है। ऑक्सफोर्ड को परिहास में कहा जाता है 'home of all...
जब पीछे मुड़कर देखता हूँ के.जी. सुब्रमणियम
बांग्ला से रूपान्तर : रामशंकर द्विवेदी गत अड़तालीस बरसों से मैं मालावार नहीं जा सका हूँ। हालाँकि वहीं मैं जन्मा था और शुरूआत के सोलह बरस वहीं बिताये थे। वे मेरे बड़े होने और गढ़े जाने के बरस थे। उन बरसों की अवधि में मैंने जो कुछ संचित किया, व...
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - The Raza Foundation - Version 15.00 Yellow Loop SysNano Infotech Structured Data Test ^