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बच्चों की नज़्में शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी
शेर भी देखा? बिल्ली देखी कुत्ता देखाशेर भी तुमने क्या देखाशेर है जंगल में रहताचूहा उसके घर का राजाभूख लगे तो रोता हैमार हिरन को खाता हैमूँछ है उसकी लम्बी-लम्बीआँख है उसकी नीली-भूरीरात को चमके ...
रतन थियाम की कविताएँ मणिपुरी से अनुवादः सकमचा एवं उदयन वाजपेयी
ज़मीन में दबा व्यतीत पता नहींबीती घटनाओं को तह करकहाँ रखा जाये ?निर्जीव शरीर को ताबूत से ढँक देने के बाद भीउसे कोई न कोई नाम देना ही होता हैध्ाुँए में प्रेत की तरह भटकती हैमेरी बीत चुकी कहानीरेंगती ...
स्टीवन ग्रीको की कविताएँ इतालवी@अँग्रेज़ी से कवि की मदद से अनुवादः उदयन वाजपेयी
स्टीवन ग्रीको का जन्म इतालवी भाषी लुगानो नगर, स्विट्ज़रलैण्ड में 1949। बहुभाषी कवि और अनुवादक, अँग्रेज़ी और इतालवी में लिखते हैं। भारत में ‘समास’ समेत कई पत्रिकाओं में लेख, कविताएँ प्रकाशित। दो कविता संग्रह इटली में प्रकाशित हुए हैं, &...
ग़ज़लें फ़रहत एहसास
1.रक़्स-ए-इल्हाम1 कर रहा हूँमैं जिस्म-कलाम2 कर रहा हूँ1 सूफि़यों का नृत्य 2 बात, शाइ‘री मेरी है जो ख़ास अपनी मिट्टीइस ख़ास को आ’म कर रहा हूँ इक मुश्किल-ए-सख़्त आ पड़ी हैइक सुब्ह को शाम कर रहा...
खुदा की आत्मकथा कुमार शहानी सिन्धी से अनुवाद: रश्मि रामानी
मैं कहाँ हूँ ? कहाँ जाऊँ ? तुम नहीं हो सिर्फ़ मेरे दिल में तुम नहीं हो न बाहर न अन्दर तुम हो आकाश से परे बताओ कहाँ हो ? माँ ...
असल-अनन्त अमित दत्ता
अज्ञात शिल्पी फ़िल्म बनाना मेरे लिए एक शिल्पी के पदचिन्हों पर चलने जैसा था। मुझे कई प्राचीन ग्रन्थों का अध्ययन करना था और अनुवाद भी। इस प्रक्रिया के दौरान मुझे ऐसा प्रतीत हुआ कि मेरे नोट्स व अनुवाद जो मैंने कई श्लोकों व उक्तियों के किये थे, मेरे अन...
मैं जहाँ भी रहूँ मोनालिसा जेना की कविताएँ ओड़िया से अनुवाद: दुष्यन्त
मुद्राएक बंगाली कवि वृक्ष की जड़ से कविता का गठबन्धन कर रहे थे शब्दों के किसलय...कविता का अरण्यभावों का मलयस्पर्श, कविता की छायासब बिखर जाएगा बंजर ज़मीन पर एक डलिया हृदय के फूल कविता के हाथ फैलाय...
हिरेन भट्टाचार्य की कविताएँ असमिया से अनुवाद: किशोर कुमार जैन, अपराजिता डेका
छायापेड़ से छाया जैसे तैसे उड़ गयीमानो कहीं चली जाएगी...पेड़ से छायाजैसे तैसेउड़ गयीमानो दूसरी छाया में मुँह डालकर कहेगीःमेरी छाती रेगिस्तान है हाथ रखकर देखो तुम को जला देगी।पेड़ से छाया...
कविताएँ पूनम अरोड़ा
1.तुम कहते हो, मैंने तुम्हें माँसभक्षी बनायामुझे लगा मैंने केवल खुद को तुम्हे सौंप दिया थातुम जिह्ना के भोगे हुए आनन्द थेमैं सन्तुलन के तर्पण का पानीहम अपने-अपने बीज थे ! न पुत्र हूँ मैं न पुत्रीपेड़ हूँ ...
गाथा सप्तशती कुछ कविताएँ अनुवाद - उदयन वाजपेयी
गाथा सप्तशती की कविताओं के ये मुक्त अनुवाद हैं। कोई चाहे तो इन्हें पुनर्रचना भी कह सकता है। पर ये हैं अनुवाद ही जहाँ ‘अनु’ उपसर्ग लगभग उसी अर्थ में आया है जैसा वह ‘अनुनाद’ में आता है। मेरी इच्छा इस कालजयी काव्य संकलन की क़री...
अब न बुलाओ प्रवासिनी महाकुद ओड़िया से अनुवाद : दीप्ति प्रकाश
मुझे बार-बार बुला कर मेरे चारों ओर इस तरह महफ़िल न सजाओआवेग की सफ़ेद राजहंसिनी को मेरी ओर मत भेजो। राजहंसिनी का एकाकी स्वर मुझे इतना कमज़ोर बना देता है कि उड़ जाती है दिशान्त तक मेरी मृण्मय सत्ता। प्...
कविताएँ 2017 शिरीष ढोबले
अश्व-1 जब वे पहचान लेते हैंयुद्ध का क्षेत्र और पराजय की गन्धजब उनकी आँख पर पड़ती है भुजा के घाव से बहते रक्त की धारावे इसकी अनदेखी कर देते हैं अश्वारोही प्राण तज देता है अपने पर प्राणों काहोता ह...
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