कमलेश पर विचार Next
कमलेश-दृष्टि ( चिन्तन, कविता, राजनीति ) ध्रुव शुक्ल
कवि कमलेश हमें इस तथ्य पर विचार करने के लिए उत्सुक करते रहे हैं कि जिस आधुनिकता की शुरुआत पहले विश्व युद्ध के बाद हुई और इसका जो पैमाना बना वो ये था कि दुनिया के वे सारे समाज जो यूरोप की तुलना में पिछड़े हुए मान लिए गये उनको आगे बढ़े हुए देशों की ...
कमलेश की अस्तित्व-दृष्टि मदन सोनी
कमलेश की कविता की अस्तित्व-दृष्टि के स्वरूप के बारे में जिज्ञासा करने से पहले यह बात रेखांकित करने योग्य है कि यह कविता हमें एक ऐसी चीज़ के स्वरूप की जिज्ञासा करने को उत्प्रेरित करती है जो हिन्दी कविता में, स्वयं कमलेश की समकालीन कविता में, न सिफर...
कमलेश की कविता जीवन की निर्दिष्टता को जिसने अतिक्रम किया है... नीलिम कुमार असमिया से अनुवादः किशोर कुमार जैन
भूमिकादेश के महत्वपूर्ण कवि कमलेश से मेरी दिल्ली में सिफऱ् एक बार मुलाकात हुई। उसके बाद जीवन में दुबारा उनसे मुलाकात का सौभाग्य नहीं मिला। इस महान कवि के संस्पर्श की छाया में एक पल गुज़ारने की इच्छा मन की मन में ही रह गयी। उनकी कुछ कविताएँ ...
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