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संस्मरण Next

मनुष्य का सांस्कृतिक मन नष्ट हो गया है-ऋत्विक घटक

बांग्ला से अनुवाद : रामशंकर द्विवेदी

ऋत्विक घटक का जन्म 4 नवम्बर, 1925 को पूर्वी बंगाल के पावना जिले के नये भारंगा में हुआ था। पिता सुरेशचन्द्र की ख्याति विशिष्ट चल-चित्रकार के रूप में थी। ...

12-Dec-2017 05:54 PM 428
कमलेश जी की अनुपस्थिति वागीश शुक्ल

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कमलेश जी से मेरी पहली भेंट मेरी पहल पर हुई थी। मैं जुलाई 1970 में दिल्ली पहुँचकर भारतीय तकनीक संस्थान, दिल्ली में नौकरी कर रहा था। इसके कुछ समय बाद ही ‘दिनमान’ पत्रिका में एक बड़ा ...

12-Dec-2017 05:53 PM 463
जंगली सपने की अन्धी यात्रा नीलिम कुमार

असमिया से अनुवाद : किशोर कुमार जैन

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ऐसा लगता था मानो राहुल अपने जीवन में था ही नहीं। गजेन्द्रनाथ, अमृतप्रभा, माँ शशि, तरुणी बुआ, नौकर नाम तजो, भानु चाची और मालिनी, आइमणी, चित्रकला का ...

12-Dec-2017 05:53 PM 611

मलयज के पत्र प्रेमलता वर्मा

मलयज के पाठकों और लेखक मित्रों के लिए इन पत्रों में काफ़ी कुछ जखीरा प्रस्तुत है। आलोचना और विश्लेषण भी है परिस्थितियों और व्यक्तियों का, मनोवैज्ञानिक धरातल पर मानवीय सहानुभूति और विवेक के साथ। मलयज ...

12-Dec-2017 05:53 PM 1244
स्वामीनाथन प्रयाग शुक्ल

स्वामी!
मित्र, प्रियजन, परिजन सब उन्हें प्रायः इसी संक्षिप्त नाम से बुलाते थे।
हाँ, ‘स्वामी’ सम्बोधन ही तो चित्रकार, कला-चिन्तक, कवि जगदीश स्वामीनाथन के लिए बहुतों का अत्यन्त ...

12-Dec-2017 05:53 PM 722
मरीना त्स्वेतायेवा (8 अक्तूबर 1892- 31 अगस्त 1941) प्रतिभा कटियार

मरीना मेरा पहला प्यार
मरीना त्स्वेतायेवा रूस की एक महान कवयित्री हैं। ‘थीं’ शब्द का इस्तेमाल मैं जानबूझकर नहीं कर रही हूँ कि मैंने जिस मरीना को जाना है वो अपने समय और काल को पार क ...

12-Dec-2017 05:52 PM 416

आत्मकथा (कुछ अध्याय) हबीब तनवीर

लिप्यान्तर उबैदुल्ला मुबारक
अम्मा और मेरी बहनें
खानदान हमारा बड़ा था। हमलोग कोई ग्यारह भाई-बहन होते लेकिन सात बच रहे थे। चार बहनें, तीन भाई। चार बच्चे या पैदा होते ही या बहुत कम उम्र में ख ...

12-Dec-2017 05:52 PM 849
विस्मृत बंगाली दार्शनिक की स्मृतियाँ अशोक देब चौधुरी

बांग्ला से रूपान्तर : रामशंकर द्विवेदी

केम्ब्रिज और आक्सफ़ोर्ड में भारतीय गणितज्ञ और अर्थनीति विशेषज्ञों का विशेष सम्मान होता है। रामानुजन से लेकर आज के अमर्त्य सेन तक यह परम्परा अक्षुण्ण है ...

12-Dec-2017 05:51 PM 417
जब पीछे मुड़कर देखता हूँ के.जी. सुब्रमणियम

बांग्ला से रूपान्तर : रामशंकर द्विवेदी

गत अड़तालीस बरसों से मैं मालावार नहीं जा सका हूँ। हालाँकि वहीं मैं जन्मा था और शुरूआत के सोलह बरस वहीं बिताये थे। वे मेरे बड़े होने और गढ़े जाने के बरस थ ...

12-Dec-2017 05:51 PM 462
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