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बोली का उपन्यास अंश Next

दाऊ मदराजी जीवन यदु

दाऊ मदराजी की छत्तीसगढ़ में देशी-नाट्य ‘नाचा’ को बीसवीं शती के उत्तरार्ध में सशक्त करने में लगभग प्रमुख भूमिका रही है। हबीब तनवीर के ‘नया थियेटर’ के अधिकांश अभिनेता/अभिनेत्री ...

12-Dec-2017 05:51 PM 477
कचनार.दो संगीता गुन्देचा

यह मालवी में कई वर्षों से लिखे जा रहे मेरे अधूरे उपन्यास के अंश हैं। मालवी अधिकतर मैंने घर में और बचपन में उज्जैन के अपने मुहल्ले सखीपुरा में बोली है। लिखती मैं खड़ी बोली में रही हूँ। इस उपन्यास का ...

09-Apr-2017 03:10 AM 1267
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